मेजर आर्काना
लटका हुआ व्यक्ति
पकड़ ढीली करते ही सब कुछ नए नज़रिए से दिखने लगता है।
सीधा
- समर्पण
- ठहराव
- नया नज़रिया
ठहराव हार नहीं है। चीज़ों को ज़बरदस्ती आगे धकेलने की ज़िद छोड़ें, नया नज़रिया अपने आप सामने आ जाएगा।
उल्टा
- टालते रहना
- प्रतिरोध
- दुविधा
आप शायद अधर में अटके हैं और उस बदलाव का विरोध कर रहे हैं जिसकी ज़रूरत आप पहले ही महसूस कर चुके हैं। जिसे पकड़े बैठे हैं, उसे छोड़ें, ताकि चीज़ें आगे बढ़ सकें।
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